देख दिल आज मिल गए अपने
जो भी देखे थे सच हुए सपने
जो भी देखे थे सच हुए सपने
जीतते सफ़र तय किया हमने
फूल गजलों लगे हैं खिलने
फूल गजलों लगे हैं खिलने
बाग़ लगने लगे थे क्यूँ सहमे
मौज ए गुल लगे अभी हंसने
मौज ए गुल लगे अभी हंसने
अजनबी बेवफा माना जिसने
नाम मेरा रटे लगे जपने
नाम मेरा रटे लगे जपने
पूछती ज्योति परवाने तुझसे
जीत कर क्यूँ तलाशती अपने
-- ज्योत्सना सक्सेना
जीत कर क्यूँ तलाशती अपने
-- ज्योत्सना सक्सेना
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