नदिया देखी परबत देखे बांचा खेत नगर का कोना
नीले निभृत नभ आव्हान मुझे साहस सपने है बोना
ले आयु पंख उन्मुक्त चला मैं नभ लिपियों को पढने
बादल फाहे भर मुट्टी गीत गुनूँ मैं युवराज सलोना
-- ज्योत्सना सक्सेना .
नीले निभृत नभ आव्हान मुझे साहस सपने है बोना
ले आयु पंख उन्मुक्त चला मैं नभ लिपियों को पढने
बादल फाहे भर मुट्टी गीत गुनूँ मैं युवराज सलोना
-- ज्योत्सना सक्सेना .
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