धरती की अलकों ने किया अमलतासी श्रृंगार
खिल खिल कर रहे गुलमोहर ऊर्जा का संचार
आमों की मधुरम सुगंध कोयलिया करे पुकार
जलविहीन सरिता रसीले फलों की आई बहार
-- ज्योत्सना सक्सेना
खिल खिल कर रहे गुलमोहर ऊर्जा का संचार
आमों की मधुरम सुगंध कोयलिया करे पुकार
जलविहीन सरिता रसीले फलों की आई बहार
-- ज्योत्सना सक्सेना
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