पत्थरों के धड़कने की आहट..
सुनी थी मैंने..
कोमल पाँखुरियों सा एहसास ..
पाया उनमे..
नई कोंपल , नई कलियाँ..
जिंदगी के रंग बुनती हैं..
नन्ही तितली...
उमंगों के आयाम लिखती है..
चींटी दाना लेकर चढ़ती गिरती है..
जिंदगी को बार बार जीतती है..
रेत सा फिसलता वक़्त..
आएगा नही दोबारा...
जी लो हर पल..
समेट लो हर ख़ुशी..
अपने आँचल में..
कैद कर लो सपनों को..
अपनी आँखों में...
डूब जाओ..कुदरती नज़रों में..
जिंदगी बहुत खूबसूरत है..
जिंदगी बहुत खूबसूरत है..
- ज्योत्सना सक्सेना
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