लगाकर रंग जीजा को ,छिपी बक्से तले साली
धरा था वेश काली का , दिदीया दे रही गाली
धुलाई जो हुई जीजू तरेरी आँख बहना पर
दिखे दिन चाँद तारे , दिलाई याद दीवाली
-- -- ज्योत्सना सक्सेना ,
धरा था वेश काली का , दिदीया दे रही गाली
धुलाई जो हुई जीजू तरेरी आँख बहना पर
दिखे दिन चाँद तारे , दिलाई याद दीवाली
-- -- ज्योत्सना सक्सेना ,
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