हर घडी तन्हाई में उतरती जाती है जिंदगी..
प्यार की श्यामल घटाओं में पाती है जिंदगी..
चाँद के धड़कते दिल को सरगम सुनाती है जिंदगी..
रेशमी कोकून से बाहर आने को छटपटाती है जिंदगी ..
कभी सृजन के, कभी वैराग्य के गीत गुनगुनाती है जिंदगी..
मुट्ठी से सुनहरी रेत मानिंद फिसलती सी ये जिंदगी..
वक़्त के साथ हिरनी सी कुलांचे भरती ये जिंदगी..
भले बन जाओ..भला कर दो.. माफ़ करके गले लगा लो...
ऐश्वर्यलोक की अप्सरा सी खूबसूरत है जिंदगी...
परियों की कहानी सी खुशनुमा है ये जिंदगी...
- ज्योत्सना सक्सेना
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