शुक्रवार, जून 05, 2015

मतवाली बूंदे

बादल को पायल पहना दी 
छम छम बूंदे हैं मतवाली 
धरती ओढ़े चूनर पीली 
फूलों से भर लेती झोली 
बादल को पायल पहना दी 
छम छम बूंदे हैं मतवाली
साजन मेरे आ जाते तो
बाते आज नशीली होतीं
बूंदों संग तुम उतर आते
आँगन में रंगोली होती
बादल को पायल पहना दी
छम छम बूंदे हैं मतवाली
तुम मुझसे रूठे ना होते
सखियों संग ठिठोली होती
चंदा हिय मेरे बस जाता
चांदनी रात अनोखी होती
बादल को पायल पहना दी
छम छम बूंदे हैं मतवाली
होली पर तुम आ ही जाना
चूनर सतरंगी कर जाना
बादल को पायल पहना दी
छम छम बूँदें हैं मतवाली
-- ज्योत्सना सक्सेना

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