सांझ के सुरमई धुंधलके में
समंदर में घुलते नारंगी रंग की
छप्पा की छई सी
तरंगो की अठखेलियों सी
यादें तुम्हारीं,,,,,,,,,,,
समंदर में घुलते नारंगी रंग की
छप्पा की छई सी
तरंगो की अठखेलियों सी
यादें तुम्हारीं,,,,,,,,,,,
फूलों के जेवरों से सजी धरा
ठिठोली करतीं तितलियां
फर फर फर चलती
फागुनी बयार सी
यादें तुम्हारी,,,,,,,,,,
ठिठोली करतीं तितलियां
फर फर फर चलती
फागुनी बयार सी
यादें तुम्हारी,,,,,,,,,,
शबनमी मतवाला मौसम
अहसासों की करवटें
छनका रही नुपूर
झरझर ंझरती सी
यादें तम्हारी,,,,,,,,,
अहसासों की करवटें
छनका रही नुपूर
झरझर ंझरती सी
यादें तम्हारी,,,,,,,,,
खुशगवार गुलाबी धूप
हुई रोशन दिल की बस्ती
अमराई की बौर सी
कुहू कुहू करती
कोयलिया की टेर सी
यादें तुम्हारी,,,,,,,,,,
हुई रोशन दिल की बस्ती
अमराई की बौर सी
कुहू कुहू करती
कोयलिया की टेर सी
यादें तुम्हारी,,,,,,,,,,
कढाई में बनते पकवान
मीठी मीठी मठरी
छन्न छन्न सिकती
गुझिया की मिठास सी
यादें तुम्हारी,,,,,,,,
शुभ होली
ंज्योत्सना सक्सेना
मीठी मीठी मठरी
छन्न छन्न सिकती
गुझिया की मिठास सी
यादें तुम्हारी,,,,,,,,
शुभ होली
ंज्योत्सना सक्सेना
फागुनी हवा चली
जवाब देंहटाएंतितली फूलों ने
मेरे मन मेलों ने
समंदर की लहरों में
झूम उठा जग सारा
होली के रंगों में |
रेखाएं खीचती
दिलमें हिलोरों ने
शबनमी मौसम ने
हिरनियाँ सजने से
होगी फुहार बौछारे
मेघ घन वर्षाने दो||
फागुनी हवा चली
जवाब देंहटाएंतितली फूलों ने
मेरे मन मेलों ने
समंदर की लहरों में
झूम उठा जग सारा
होली के रंगों में |
रेखाएं खीचती
दिलमें हिलोरों ने
शबनमी मौसम ने
हिरनियाँ सजने से
होगी फुहार बौछारे
मेघ घन वर्षाने दो||
क्या क्या रूप ले लेती हैं उनकी यादें ... बहुत खूब ...
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