अंजुरी भर हरसिंगार
शुक्रवार, जून 05, 2015
तन्हाई
दिल पुस्तक पन्ने फड़ फड़ फड़क रहे हैं
अक्षर अक्षर मनमर्जी को मचल रहे हैं
तनहा चाँद हुआ खामोशी बात करे
बारिश गीतों की , आंसू छलक रहे हैं
-- ज्योत्सना सक्सेना
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