मुक्तक-लोक का शब्द-मुक्तक सम्मान
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मुक्तक मेला-37 का ''शब्द-मुक्तक सम्मान '' आदरणीया Jyotsna Saxena ( ज्योत्सना सक्सेना ) जी को प्रदान करते हुए 'मुक्तक-लोक' गौरवान्वित है ,हार्दिक बधाई और अभिनन्दन !
प्रदत शब्द -मीत/मित्र/ दोस्त /यार पर मुक्तक ~
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रिश्तों की धुंध पर प्यार का सूरज छाएगा,
भ्रम के कुहासे को पल में निगल जायेगा ,
ह्रदय साज पर बज उठेंगे फिर जलतरंग
मीत सुहानी सी इक ग़ज़ल गुनगुनाएगा !
____________________ज्योत्सना सक्सेना
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