अंजुरी भर हरसिंगार
गुरुवार, मार्च 26, 2015
याद
कलम घिस दी कागज़ पर , आई तेरी याद
अक्स झांके तेरा ही , करता है फ़रियाद
-- ज्योत्सना सक्सेना
3 टिप्पणियां:
Unknown
30 मार्च 2015 को 1:45 am बजे
सुंदर भाव
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Unknown
30 मार्च 2015 को 1:46 am बजे
सुंदर भाव
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Unknown
1 अप्रैल 2015 को 9:16 pm बजे
स्वागत... ह्रदय से आभार आ.Ram Pal ji
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जवाब देंहटाएंस्वागत... ह्रदय से आभार आ.Ram Pal ji
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