शनिवार, मई 10, 2014

नया इतिहास रचेंगे

उम्मीदों की
गीली रेत पर
हसरतों के
गीत लिखेंगे----
संदली संदली
खुशबुओं संग 
मोहब्बत का
व्यापार करेंगे -----
मोहभंवर
कागज़ की कश्ती
चांदनी रात की
सैर करेंगे-----
बंद सीप से
सपनों में
उच्छ्वासों की
प्रीत भरेंगे -----
गोल गोल
शैव पत्थरों का
उछलती लहरों से
अभिषेक करेंगे-----
समंदर की
नमकीनी को
दरियादिल से
दूर करेंगे----
धरा गगन के
श्रृंगारित मिलन पे
नन्हे शंखों से
जयघोष करेंगे-----
ढलती साँझ के
नारंगी रंग से
सौंदर्य भरा
नया इतिहास रचेंगे-----
-- ज्योत्सना सक्सेना

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